शहीद पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, पीयूष राय ने कहा—अमर बलिदान देश की भावी पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा…..।
मुहम्मदाबाद/गाजीपुर ।
अगस्त क्रांति के दौरान देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले मुहम्मदाबाद के अष्ट शहीदों की स्मृति में सोमवार को शहीद दिवस मनाया गया। शहीद पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वीर सपूतों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया। कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल रहा और उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
18 अगस्त 1942 का दिन मुहम्मदाबाद के इतिहास में गौरव और बलिदान की अमिट गाथा के रूप में दर्ज है। अगस्त क्रांति के दौर में ग्राम शेरपुर निवासी डॉ. शिवपूजन राय के नेतृत्व में ऋषेश्वर राय, बंसनारायण राय, रामबदन उपाध्याय, वशिष्ठ नारायण राय, वंशनारायण राय, नारायण राय और राजनारायण राय समेत वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। स्वतंत्रता की अलख जगाते हुए इन वीरों ने मुहम्मदाबाद तहसील पर पहुंचकर यूनियन जैक को उतारकर तिरंगा फहराया और तहसील को आजाद घोषित कर दिया।

अंग्रेजी शासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद वीर सपूत पीछे नहीं हटे और राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके बलिदान ने मुहम्मदाबाद की धरती को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान दिलाया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल भाजपा नेता पीयूष राय ने झंडारोहण कर अष्ट शहीदों सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि मुहम्मदाबाद की धरती के वीर सपूतों की शहादत देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। अष्ट शहीदों ने जिस निर्भीकता और राष्ट्रभक्ति के साथ अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा, “शहीद दिवस महज श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन नहीं, बल्कि उन महान बलिदानियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लेने का अवसर है।” उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

पीयूष राय ने कहा कि आजादी हमें सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान छिपा है। अष्ट शहीदों की वीरगाथा नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता, सम्मान और अखंडता के लिए समर्पण सर्वोपरि है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीदों के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। शहीद पार्क में देशभक्ति के नारों और वीर सपूतों की स्मृतियों के बीच वातावरण भावुक एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा। वक्ताओं ने कहा कि अष्ट शहीदों की अमर गाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशप्रेम, साहस और त्याग की प्रेरणा देती रहेगी ।