
गाजीपुर ।
जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने मोबाइल चोरी और अवैध हथियार रखने के मामले में तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक संगठित ठगी के तरीके का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के चार एंड्रॉयड टच स्क्रीन मोबाइल फोन, एक 12 बोर का अवैध तमंचा तथा एक जिंदा कारतूस बरामद किया है ।
पुलिस के अनुसार, आरोपी रात के समय सो रहे लोगों के एंड्रॉयड मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल में पहले से लॉग-इन UPI ऐप जैसे फोनपे, गूगल पे आदि का इस्तेमाल कर खरीदारी करते थे। इतना ही नहीं, खरीदारी के दौरान दुकानदार के खाते में सामान की कीमत से अधिक रकम ट्रांसफर कर देते थे और अतिरिक्त राशि नकद वापस लेकर लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे। इस तरीके से आरोपी लंबे समय से वारदातों को अंजाम दे रहे थे ।
कोतवाली थाना पुलिस ने मुकदमा संख्या 446/2026, धारा 303(2), 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत वांछित तीन अभियुक्तों को रौजा पुल स्थित कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तान अहमद उर्फ मुलायम (30 वर्ष) निवासी अंधऊ, रोहित यादव (19 वर्ष) निवासी गोड़ा देहाती तथा रामऔतार बिन्द उर्फ रानी बिन्द (20 वर्ष) निवासी गोड़ा देहाती, थाना कोतवाली, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है ।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा एक 12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) राकेश मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने मोबाइल चोरी के बाद UPI के माध्यम से खरीदारी कर अतिरिक्त रकम दुकानदारों से नकद लेने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। यदि अन्य मामलों में भी इनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इस तरीके से कितनी वारदातों को अंजाम दिया है तथा किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया।