
गाजीपुर ।
गाजीपुर में आयोजित शिक्षा मित्र सम्मान समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पास कोई ठोस काम नहीं बचा है और वे केवल ट्वीट और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विरोध करने में लगे रहते हैं।
राजभर ने भोजपुरी की कहावत का इस्तेमाल करते हुए कटाक्ष किया—“जहां जाई दुल्हनरानी, वही पड़े पत्थर पानी”—और इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति से जोड़कर प्रस्तुत किया।
शिक्षा मित्रों के मानदेय के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है। हालांकि कार्यक्रम के दौरान जब एक शिक्षा मित्र ने इसे अपर्याप्त बताया, तो राजभर ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया कि जो मानदेय मिल रहा है, उसे खर्च करें और उसे बढ़ाने के लिए संघर्ष जारी रखें।
राजभर ने राष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने विपक्ष द्वारा ईवीएम पर उठाए जाने वाले सवालों पर भी तंज कसते हुए कहा कि हारने पर मशीन खराब बताई जाती है, जबकि जीतने पर सब कुछ सही माना जाता है।
अपने दल को “फलदार वृक्ष” बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्य दल उनके नेताओं को तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे उनकी पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वहीं, उनके गनर प्रशांत राय पर लगे गंभीर आरोपों के संबंध में राजभर ने कहा कि वह उनका गनर जरूर था, लेकिन घटना के समय छुट्टी पर था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर की जुबान एक पल के लिए फिसल गई। पहले उन्होंने “पीडीए सरकार” बनने की बात कही, लेकिन तुरंत खुद को सुधारते हुए कहा कि राज्य में एनडीए की ही सरकार बनेगी और नेतृत्व भी तय है।
कार्यक्रम के दौरान उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है।