
गाजीपुर ।
जनपद में नशा कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में बुधवार को दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कुर्की की कार्रवाई तेज होने और गिरफ्तारी की आशंका के चलते दोनों ने अदालत का रुख किया।
विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस) रत्नाकर दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी राहुल यादव और दयाराम सिंह ने एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में सरेंडर किया ।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई जारी थी और उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। इसी दबाव के चलते उन्होंने न्यायालय में उपस्थित होकर राहत की गुहार लगाई ।
मामले के अनुसार, गाजीपुर कोतवाली में दर्ज इस प्रकरण में कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से एक आरोपी शुभम वर्मा पहले से ही जेल में निरुद्ध है। वहीं आज दो आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद अब तीन आरोपी अभी भी फरार हैं । फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी कर चस्पा कर दिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है ।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि यह पूरा मामला कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है। जांच के दौरान आरोपी किसी प्रकार का वैध दस्तावेज या हिसाब प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे स्पष्ट होता है कि यह संगठित नशा तस्करी का मामला है ।
पुलिस और प्रशासन द्वारा इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह निरंतर जारी रहेगा ।