गाजीपुर ।
अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए वाराणसी स्थित आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल भेजे गए मरीजों का सफल उपचार होने के बाद बुधवार को वे सकुशल गाजीपुर लौट आए। लंका मैदान परिसर में कमेटी के पदाधिकारियों ने मरीजों एवं उनके परिजनों का स्वागत कर उनका हालचाल जाना ।
कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह एवं मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने अस्पताल की बस से लौटे मरीजों का स्वागत करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मरीजों ने सफल ऑपरेशन, बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और आत्मीय सहयोग के लिए रामलीला कमेटी तथा आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया ।
दो दिन पूर्व आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 17 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया था। इनमें से 16 मरीजों को उसी दिन अस्पताल की बस से वाराणसी भेजा गया, जहां सभी का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया गया। एक मरीज का रक्तचाप अधिक होने के कारण चिकित्सकों ने ऑपरेशन स्थगित करते हुए उपचार के बाद अगली तिथि पर पुनः जांच कराने की सलाह दी ।
ऑपरेशन कराकर लौटे मरीजों ने बताया कि अस्पताल में उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, समुचित देखभाल और निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे समय रहते आंखों की जांच कराएं और ऐसे जनहितकारी शिविरों का लाभ उठाएं ।
कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि अति प्राचीन रामलीला कमेटी सामाजिक सरोकारों के तहत समय-समय पर जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित करती रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 18 अगस्त को पुनः निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच के साथ आवश्यकता अनुसार आगे के उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की ।