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गाजीपुर ।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को गाजीपुर में शौर्य सैनिक संगठन के तत्वावधान में शहीद सैनिकों के सम्मान में भव्य शौर्य रैली एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।
घाट स्टेशन से सत्यदेव डिग्री कॉलेज तक निकली शौर्य रैली में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जनपद के आठ वीर सैनिकों की वीर नारियां, वीर माताएं, परिजन, पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। पूरे मार्ग में राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेज पहुंचने पर संस्थान के प्रबंधक डॉ. सानंद सिंह ने अपने परिजनों एवं कॉलेज परिवार के साथ वीर नारियों, वीर माताओं और शहीद परिवारों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इसके बाद आयोजित सम्मान समारोह में सभी शहीद परिवारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया ।
इस समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कारगिल शहीद शेषनाथ यादव की पत्नी सरोज यादव ने मंच से वर्ष 1999 की उन दर्दभरी यादों को साझा किया, जब उनके पति का पार्थिव शरीर घर पहुंचा था। उन्होंने बताया कि उस समय पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन उन्होंने साहस और धैर्य के साथ बच्चों तथा परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने वीर पति के आदर्शों को सदैव जीवित रखा। उनकी भावुक बातों ने उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कारगिल युद्ध में गाजीपुर के आठ वीर सपूतों के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का त्याग राष्ट्र के लिए अमूल्य धरोहर है और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देशभक्ति, अनुशासन और सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान भी किया गया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। राष्ट्रगान और शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, शौर्य और वीर बलिदान के प्रति सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा ।