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गाजीपुर ।
विकास के दावों के बीच गाजीपुर के भदौरा ब्लॉक स्थित बारा गांव से सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कब्रिस्तान जाने वाला मुख्य मार्ग बारिश के बाद जलमग्न हो गया, जिसके चलते ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ के बीच कंधों पर जनाजा लेकर गुजरना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है ।
जानकारी के अनुसार, बारा गांव में कब्रिस्तान तक पहुंचने वाला रास्ता बरसात के कारण तालाब जैसी स्थिति में बदल गया है। जलभराव और कीचड़ से आम लोगों का आवागमन तो प्रभावित है ही, अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी इससे अछूती नहीं रही। हाल ही में स्वर्गीय रफअत खां की 64 वर्षीय पत्नी शकीला बेगम के जनाजे को ग्रामीणों ने इसी जलमग्न रास्ते से कंधों पर उठाकर कब्रिस्तान तक पहुंचाया। घुटनों तक पानी में होकर जनाजा ले जाने की तस्वीरों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया ।
ग्रामीणों का कहना है कि रेवतीपुर-बारा मार्ग पर वर्षों से अधूरा पड़ा नाला इस समस्या की मुख्य वजह है। बरसात होते ही पानी की निकासी बंद हो जाती है और सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया ।
मामला मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि बारा गांव के प्रशासक प्रधान से वार्ता कर जल निकासी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में प्रस्ताव शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी ।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें लगातार जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ।
बारा गांव की यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे की वास्तविक स्थिति का आईना है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन के आश्वासनों से आगे, जमीनी स्तर पर होने वाली कार्रवाई और स्थायी समाधान पर टिकी हैं ।