
गाजीपुर ।
जनपद के मनिहारी ब्लॉक में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का कार्य तेजी से प्रगति पर है। शुक्रवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विद्यालय का लगभग 45 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा यह अत्याधुनिक विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब और खेल सुविधाओं जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रथम किस्त जारी हो चुकी है तथा द्वितीय किस्त की मांग भी शासन को भेजी जा चुकी है। निर्माण की गुणवत्ता की जांच प्रयागराज स्थित प्रयोगशाला से कराई गई है, जिसकी रिपोर्ट संतोषजनक प्राप्त हुई है। विद्यालय की प्रथम एवं द्वितीय मंजिल का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से जारी है ।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि इस विद्यालय की परिकल्पना केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और सामूहिक जीवन मूल्यों के विकास पर भी विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए एकीकृत शिक्षण व्यवस्था के साथ आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को गुरुकुल जैसी अनुभूति प्राप्त हो सके ।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय तथा अटल आवासीय विद्यालयों की सफलता से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ऐसे आधुनिक एवं आवासीय विद्यालय विकसित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी उच्चस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
विद्यालय के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी संसाधनों तथा संस्कारयुक्त वातावरण का लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में एक नई क्रांति साबित होगी।