अंधऊ हवाई पट्टी नो-फ्लाइंग जोन घोषित, ड्रोन और पैराग्लाइडर उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध
(*रिपोर्टर- सुमित श्रीवास्तव*)
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर वाराणसी में होने वाले एयर शो को लेकर डीएम ने जारी किया आदेश, अंधऊ हवाई पट्टी के 10 किमी दायरे में लागू रहेगा प्रतिबंध
गाजीपुर। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर वाराणसी के नमो घाट पर प्रस्तावित भव्य हवाई प्रदर्शन के दृष्टिगत गाजीपुर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने अंधऊ हवाई पट्टी और उसके चारों ओर 10 किलोमीटर की परिधि को 14 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक “नो-फ्लाइंग जोन” घोषित कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 और DGCA के Unmanned Aircraft System Rule, 2021 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, 22, 24 और 25 अक्टूबर को वाराणसी में होने वाले एयर शो में लगभग 100 विमानों के भाग लेने की संभावना है, जो प्रयागराज, गोरखपुर, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ, बरेली आदि जिलों से उड़ान भरेंगे।
इस एयर शो (AFDAD-2026) में शामिल होने के लिए 15 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चिनूक, अपाचे और मिग-17 V-5 हेलीकॉप्टरों को गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर तैनात किया जाना है। कार्यक्रम को सुरक्षित और निर्वाध रूप से संपन्न कराने तथा जनसुरक्षा, लोक-शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक बताया गया है।
आदेश के अनुसार उक्त अवधि में नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन, मानव रहित विमान (UAV), पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, अन्य किसी भी प्रकार के हल्के उड़ान यंत्र के संचालन पर पूर्णत प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए अधिकृत एजेंसियों को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से छूट दी जा सकेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित विधि के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
