पीस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जनाब सैय्यद राशिद उमर मदनी के आकस्मिक निधन से जनपद और प्रदेश में शोक की लहर

(*रिपोर्टर- सुमित श्रीवास्तव*)
ग़ाज़ीपुर। जनपद के प्रतिष्ठित और जाने-माने राजनैतिक व्यक्तित्व, पीस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता जनाब सैय्यद राशिद उमर मदनी का 11 अक्टूबर 2026 (दिन रविवार) को इंतकाल हो गया है। उनके इस असमय निधन से जनपद ग़ाज़ीपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश के राजनैतिक एवं सामाजिक गलियारों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई। उनका जाना प्रदेश की राजनीति और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
रविवार को उन्हें उनके पैतृक निवास स्थान के निकट कैथवलिया के ख़ानदानी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया, जहाँ भारी संख्या में राजनैतिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
स्वर्गीय सैय्यद राशिद उमर मदनी अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई सैय्यद शाहिद उमर अंसारी (आर्किटेक्ट, बिल्डर एवं एडवोकेट) और हाजी डॉक्टर साजिद उमर अंसारी हैं, जबकि सबसे छोटे भाई हाजी डॉक्टर ज़ाहिद उमर अंसारी हैं। उनके स्वर्गीय पिता रिटायर्ड इंडस्ट्रीयल इंस्पेक्टर रहे हाजी मुहम्मद उमर अंसारी साहब अपने क्षेत्र में एक बेहद शरीफ़, नेकदिल और गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते थे। उनकी स्वर्गीय माता हूर बानो ने अपने सभी बच्चों की परवरिश और उच्च शिक्षा-दीक्षा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। परिवार के सभी भाइयों ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न प्रतिष्ठित क्षेत्रों (वकालत, वास्तुकला, चिकित्सा और शिक्षा) में देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और प्रदेश के कोने-कोने में कौम की तालीम (शिक्षा), तरक्की और उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वह समाज के दबे-कुचले, दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के अधिकारों के प्रबल पैरोकार थे। उनकी आवाज़ हमेशा सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक गूँजती रही है, और उन्होंने हर वर्ग के हक़ व इंसाफ़ के लिए पूरी निष्ठा के साथ संघर्ष किया है।
उनके निधन पर पीस पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की मग़फ़िरत (शांति) और उनके शोकाकुल परिवार तथा समर्थकों को इस कठिन समय में सब्र-ए-जमील अता करने की दुआ की है।
