गाजीपुर ।
कासथाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राम अवतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी सिकंदर राजभर को दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। करीब नौ वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पॉक्सो मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 19 अक्टूबर 2017 को पीड़िता अपने घर से स्कूल जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में आरोपी सिकंदर राजभर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर कासिमाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रामकुमार राय ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राम अवतार प्रसाद ने आरोपी सिकंदर राजभर को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय के इस निर्णय को नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामलों में कानून की सख्ती और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।