धान खरीद की तैयारियां तेज, 1 नवंबर से शुरू होगी खरीद – डीएम ने दिए सख्त निर्देश

(*रिपोर्टर- सुमित श्रीवास्तव*)
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीएम ने आगामी धान खरीद सत्र को पारदर्शी और किसान हित में संचालित करने के लिए सभी क्रय एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद में सभी क्रय केंद्रों पर मंडी समिति द्वारा उपकरणों की व्यवस्था तत्काल पूरी की जाए। बाट-माप विभाग सभी केंद्रों के कांटों का सत्यापन करेगा। धान खरीद के लिए बोरों की कमी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। किसानों की पहचान आधार कार्ड से की जाएगी। यदि किसान की जगह परिवार का कोई सदस्य धान बेचने आता है तो मूल किसान और सदस्य दोनों के आधार कार्ड की छायाप्रति केंद्र प्रभारी को सुरक्षित रखनी होगी। सभी केंद्र प्रभारी सुबह 9 से 10 बजे के बीच ई-पॉप मशीन से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे और किसानों की पुष्टि बायोमेट्रिक से होने के बाद ही खरीद होगी। श्रमिकों की उपस्थिति भी ई-पॉप से होगी।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा। सभी केंद्र प्रभारी किसानों से शिष्टाचार पूर्वक व्यवहार करेंगे। धान गीला या गंदा होने पर तत्काल अस्वीकृत नहीं किया जाएगा, बल्कि केंद्र पर ही साफ करने और सुखाने का मौका दिया जाएगा। मानक पर खरा न उतरने पर ही रिजेक्शन रजिस्टर में नाम, पता, फोन, मात्रा और कारण दर्ज कर अस्वीकृत किया जाएगा। किसान अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकेगा साथ ही केंद्र प्रभारियों को अपना मोबाइल नंबर बैनर पर अंकित कर खरीद अवधि में लगातार ऑन रखना होगा। मुख्यालय स्तर से रैंडम चेकिंग में नंबर बंद मिलने पर कार्रवाई होगी। सहकारिता विभाग के केंद्रों पर संबंधित तहसील के एडीसीओ नोडल अधिकारी होंगे और नियमित निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में NPCI और PFMS पोर्टल के माध्यम से सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए आगे बताया कि जनपद में 1 नवंबर 2026 से धान क्रय केंद्र संचालित हो जाएंगे। खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल https://fcs.up.gov.in/ पर पंजीकरण शुरू हो चुका है।
वही किसानों से अपील की गई है कि वे क्रय केंद्र पर धान बेचने से पहले किसान पहचान-पत्र / फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से लेकर आएं। यदि फार्मर आईडी नहीं है तो https://upfr.agristack.gov.in/farmer-registry-up/#/ पर स्वयं या साइबर कैफे के माध्यम से पंजीकरण कर प्राप्त कर सकते हैं। इस बार धान, बाजरा, मक्का और ज्वार का एक ही पंजीकरण हो रहा है। आधार नंबर फीड करते ही यदि फार्मर आईडी बनी है तो डाटा ऑटोमेटिक आ जाएगा।
कार्यशाला में कृषि उत्पादन मंडी समिति, जंगीपुर के सचिव द्वारा तौल कांटों को लेकर संतोषजनक जवाब न देने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।