गाजीपुर ।
गाजीपुर की विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय के लाल की अदालत ने वर्ष 2016 के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों, अरुण राय और विमलेश राय, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है ।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 21 जून 2016 की रात करीब 8:30 बजे दोनों आरोपियों ने अक्षयबर राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली लगने के बाद उनकी पत्नी मैना देवी और एक अन्य व्यक्ति उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ।

इस मामले की सबसे अहम कड़ी मृतक की पत्नी मैना देवी की प्रत्यक्षदर्शी गवाही रही । उन्होंने जमानियां थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था । पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी अरुण राय को लौहार चट्टी के पास से अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया गया था ।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को पेश किया। प्रत्यक्षदर्शी गवाही, पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई ।
जहाँ करीब एक दशक तक चली इस न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है वही आम जन्मश में भी न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है ।