बीसी सखियों की समस्याओं पर डीएम सख्त बोले- प्राथमिकता पर हो समाधान

(*रिपोर्टर- सुमित श्रीवास्तव*)
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीसी सखियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी प्रमुख समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि अभी तक उन्हें अधिकृत आईडी कार्ड नहीं मिला है। नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के अनुपालन में देरी हो रही है। साथ ही उनका मानदेय लंबित है और मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य उनसे नहीं कराया जा रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीसी सखियों को पंचायत भवनों में बैठने की व्यवस्था पुनः सुनिश्चित की जाए। सभी सखियां अपने ब्लॉक पर फोटो और आवश्यक विवरण जमा करें, ताकि जल्द से जल्द उनके आईडी कार्ड बनवाए जा सकें।
एलडीएम को निर्देशित किया गया कि नए बैंकों को जोड़ने वाले शासनादेश का शीघ्र अनुपालन कर बीसी सखियों की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी की जाए। वहीं डीसी एनआरएलएम को निर्देश दिया गया कि मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराए जाने के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी को बताया गया कि जनपद में कुल 1,017 बीसी सखियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इनमें से 705 सखियों को पूरे छह माह का मानदेय मिल चुका है, जबकि 104 सखियों का छह माह का मानदेय अभी भी लंबित है। शेष सखियों को कुछ महीनों का मानदेय प्राप्त हुआ है। इस पर उन्होंने कहाँ कि शासन की व्यवस्था के अनुसार बीसी सखियों को प्रतिमाह न्यूनतम 15 ट्रांजेक्शन करना अनिवार्य है, इसके बाद उन्हें स्वतः मानदेय प्राप्त हो जाता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डीसी एनआरएलएम वी.के. यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बीसी सखियां उपस्थित रहीं।